9 अगस्त 2011 - 19:30

उत्तरी लंदन में पुलिस के हाथों एक काले व्यक्ति की मौत के बाद प्रदर्शन और दंगे की आग बर्मिंघम, मैनचेस्टर, लीवरपूल और ब्रिस्टल तक जा पहुंची है।

उत्तरी लंदन में पुलिस के हाथों एक काले व्यक्ति की मौत के बाद प्रदर्शन और दंगे की आग बर्मिंघम, मैनचेस्टर, लीवरपूल और ब्रिस्टल तक जा पहुंची है। स्कॉटलैंड यार्ड के अनुसार गिरफ्तार किए जाने वाले तीन सौ चौंतीस लोगों में ग्यारह साल का एक लड़का भी शामिल है। उन्तीस वर्षीय मार्क डोग्गन की पुलिस के हाथों मौत से ब्रिटेन पच्चीस वर्ष पीछे लौट गया है। पिछले तीन दिनों से लंदन के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में लगी दंगे की आग उन्नीस सौ पचासी की याद दिला रही है, उस समय भी एक ही व्यक्ति की मौत ने सब को मार कर रख दिया था। टोटीनहम में शनिवार और रविवार के मध्य की रात डोग्गन की मौत के बाद आरंभ हुए दंगों से बर्मिंघम, मैनचेस्टर, लीवर पूल और ब्रिस्टल भी न बच सके, बर्मिंघम में एक पुलिस स्टेशन को आग लगा दी गई। आठ जिलों में भारी हंगामा और लूटमार की घटनाओं हुईं। पिछले दिन क्रोएडन रणक्षेत्र बना रहा, जहां सौ वर्ष पुरानी फर्नीचर बाजार को भी जला दिया गया। हंगामा और तोड़फोड़ के आरोप में अब तक गिरफ्तार सवा तीन सौ से अधिक लोगों में से उन्हत्तर पर अभियोग लगा दिया गया है। हंगामों के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए, स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर सत्रह सौ अतिरिक्त अधिकारी तैनात कर दिए हैं, दंगों के कारण प्रधानमंत्री डेविड कैमरून, उप प्रधानमंत्री निक क्लेग, गृहमंत्री और लंदन के मेयर छुट्टियाँ कम करके स्वदेश लौट गए हैं।समाचार समाप्त.....166